अल्लाह की तरफ से अपने बंदों के लिए जिंदगी गुजारने का जो तरीका मोतऐयन किया गया है उसको “शरीयत” कहते हैं। शरीयते इलाही अपनी आखरी और मुकम्मल सूरत में पैगम्बरे इस्लाम जनाब मुहम्मद रसूलुल्लाह पर नाजिल की गई, शरीयत के कुछ अहकाम वह हैं जिनमें बुनियादी उसूल व मकासिद का विश्लेषण कर दिया गया है अंशों और वि… Read More